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डोनाल्ड ट्रंप NATO छोड़ने का कर सकते हैं ऐलान! ईरान युद्ध में सहयोग नहीं मिलने से नाराज

 Published : Apr 01, 2026 11:22 pm IST,  Updated : Apr 01, 2026 11:22 pm IST

ईरान युद्ध में बुरी तरह से उलझ चुके डोनाल्ड ट्रंप अब नाटो (NATO) सहयोगियों पर सुस्त सैन्य सहायता का आरोप लगाते हुए गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर सकते हैं।

Donald Ttump- India TV Hindi
डोनाल्ड ट्रंप Image Source : AP

वॉशिंगटन: अमेरिका के  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नाटो (NATO) गठबंधन की प्रासंगिकता पर सवाल उठाते हुए इससे अलग होने के संकेत दिए हैं। ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच ट्रंप ने अपने कई इंटरव्यू में नाटो से जुड़े देशों की ओर से मिले असहयोग को लेकर तीखी आलोचना की थी। सीएनएन की खबर के मुताबिक ट्रंप अमेरिका को इस संगठन से बाहर निकालने पर विचार कर रहे हैं। लेकिन उनके लिए यह कदम आसान नहीं रहेगा।

NATO से सहयोगी देशों की आलोचना

ट्रंप ने कई इंटरव्यू में यह भी कहा कि वह अमेरिका के NATO छोड़ने पर विचार करेंगे। उन्होंने NATO के सदस्यों की आलोचना करते हुए कहा कि युद्ध में उनका सैन्य समर्थन बहुत कमज़ोर रहा है।  इसके साथ ही ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान युद्ध कुछ हफ्तों में खत्म हो सकता है।

एक महीने से भी ज़्यादा समय पहले ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार NATO की आलोचना की है और हाल के दो इंटरव्यू में कहा है कि वह देश को इस संगठन से बाहर निकालने पर विचार करेंगे। बता दें कि नाटो सैन्य गठबंधन 1949 में यूरोप और उत्तरी अमेरिका में स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया था।

क्या ट्रंप कानूनी रूप से नाटो छोड़ सकते हैं?

नाटों छोड़ने के ट्रंप के इस दावे पर कानूनी विशेषज्ञों और अमेरिकी कांग्रेस के बीच मतभेद हैं। अमेरिकी कांग्रेस द्वारा 2023 में पारित एक कानून के अनुसार, राष्ट्रपति सीनेट की दो-तिहाई सहमति या कांग्रेस के अधिनियम के बिना नाटो से अमेरिका को अलग नहीं कर सकते। इस बिल के सह-प्रायोजकों में वर्तमान विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी शामिल थे।

रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति के पास अकेले यह फैसला लेने की शक्ति नहीं है, हालांकि वह गठबंधन के संबंधों को 'जहरीला' जरूर बना सकते हैं।  दूसरी ओर, 2020 में न्याय विभाग (DOJ) की एक कानूनी राय में कहा गया था कि संधियों पर राष्ट्रपति का अनन्य अधिकार होता है। ऐसे में यह मामला भविष्य में अदालती कार्यवाही का हिस्सा बन सकता है।

1949 में स्थापित NATO का मुख्य उद्देश्य यूरोप और उत्तरी अमेरिका में शांति बनाए रखना था। यदि दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति (अमेरिका) इससे बाहर निकलती है, तो दशकों पुराना यह सुरक्षा कवच पूरी तरह ध्वस्त हो सकता है।

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